स्वामी श्री हरिदास जी महाराज

स्वामी श्री हरिदास जी महाराज भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक साधना के अद्वितीय प्रतीक माने जाते हैं। ब्रजभूमि की दिव्य परंपरा में उनका नाम अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपना सम्पूर्ण जीवन श्री राधा-कृष्ण की प्रेममयी आराधना, नाम-स्मरण तथा भजन-कीर्तन के माध्यम से लोककल्याण के लिए समर्पित किया। उनकी साधना का प्रमुख केन्द्र वृन्दावन का पावन निधिवन रहा, जहाँ उन्होंने दिव्य प्रेम-रस का संदेश जन-जन तक पहुँचाया। भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा में भी उनका योगदान अमूल्य माना जाता है और उनके द्वारा रचित पद आज भी भक्तिभाव के साथ गाए जाते हैं।