श्री रघुनाथ दास गोस्वामी गौड़ीय वैष्णव सम्प्रदाय के षड्गोस्वामियों में एक प्रमुख आचार्य, महान वैरागी एवं श्री चैतन्य महाप्रभु के परम प्रिय शिष्य थे। उन्होंने सांसारिक वैभव का त्याग कर अपना सम्पूर्ण जीवन श्री राधा-कृष्ण की अनन्य भक्ति, नाम-स्मरण और वृन्दावन की साधना को समर्पित कर दिया। उनकी तपस्या, विनम्रता और गहन आध्यात्मिक अनुभूति ने गौड़ीय वैष्णव परंपरा को अमूल्य दिशा प्रदान की। उनके उपदेश और जीवन-आदर्श आज भी भक्तों को वैराग्य, प्रेम और निष्काम भक्ति का मार्ग अपनाने की प्रेरणा देते हैं।